जलयुक्त शिवार योजना किसानों के लिए वरदान

जलयुक्त शिवार योजना किसानों के लिए वरदान

जलयुक्त शिवार योजना की सफलता को लेकर विपक्ष के सवाल धरे के धरे रह गए। महाराष्ट्र सरकार की किसानों के हित की अतिमहत्वपूर्ण योजना जलयुक्त शिवार यानी खेती के लिए जल प्रदान करना।इस योजना का लाभ उठाकर महाराष्ट्र के किसान लाभान्वित हो रहें हैं 

महाराष्ट्र सूखे की समस्या से हमेशा परेशान रहा है।खेती होने के बावजूद वहां का किसान पानी के अभाव में खेती नही कर पाता था।हर साल किसानों की आत्महत्याएं की खबरें आती रहती थीं। 2014 में शिवसेना के समर्थन में जब भाजपा की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की निगाह सबसे पहले किसानों पर गई। उन्होंने अपने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकर सूखे की समस्या पर विधिवत चर्चा की।

अधिकारियों के द्वारा मिले फिडबैक के बाद जलयुक्त शिवार योजना अमल में लाई गई। फडणवीस ने इस योजना को सफल बनाने के लिए और लोगों का आह्वान किया। जिसका नतीजा ये रहा कि बड़े बड़े उद्योगपति ,बैंकर्स और कई एनजीओ भी साथ जुड़ गए।यही नही बॉलीवुड के कई सितारे दिल खोलकर साथ खड़े हो गए। मिस्टर फरफेक्सनिस्ट कहे जाने वाले आमिर खान ने न सिर्फ योजना की तारीफ की बल्कि आर्थिक मदद भी की।

इस योजना के तहत बरसात के पानी को रोकने के लिए बड़े बड़े गड्ढे किए गए। इन गड्ढों को चारों तरफ से ईंट और सीमेंट की बाउंड्री की गई। तालाबों को और गहरा किया गया।फडणवीस सरकार ने पहले वर्ष इस योजना के लिए 1000 करोड़ का फंड जारी किया था।

कांग्रेस और एनसीपी के 15 साल के शासन में सिंचाई के क्षेत्र में 70 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए जबकि 0.01प्रतिशत क्षेत्र को सिंचित किया जा सका। जलयुक्त शिवार योजना की शुरुवात 16 हजार 522 गांवों में की गई। इस दौरान 24 लाख टीएमसी पानी जमा करने में सफलता मिली। इस योजना को कारगर बनाने के लिए 37 हजार 846 कृतिम तालाब बनाए गए। 2019 तक 30 हजार कृतिम तालाब बनाने की योजना है। यही नही इस योजना के जरिए 34 लाख 23 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचाई युक्त हो पाई है। जलयुक्त शिवार योजना की सफलता का सबसे बड़ा सबूत ये है कि फडणवीस सरकार के चार साल के कार्यकाल में फसलों की उपज में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

विपक्ष इस योजना को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करता रहा है। शिवसेना ने भी कभी अपने विधायकों से नही कहा कि एक मौके पर जाकर जलयुक्त शिवार योजना का भौतिक सत्यापन कर ले। बल्कि अन्य विपक्षी दलों के सुर में सुर मिलाकर उनका ही साथ देते रहे।

आज वह योजना भलीभांति फलीभूत हो रही है। महाराष्ट्र में वर्षों से जल की समस्याओं से जूझ रहे किसानों के चेहरों पर आज एक मुस्कान है। हालांकि इस दिशा में अभी और काम होने बाकी हैं। फडणवीस की मजबूत इच्छा शक्ति और किसानों के प्रति सहानुभूति निश्चित तौर उन्हें ऐसे ही और अच्छा कार्य करने को प्रेरित करती रहेगी।