राजस्थान में भाजपा को बढ़त के सर्वे, लेकिन इतिहास इसके खिलाफ

राजस्थान में भाजपा को बढ़त के सर्वे, लेकिन इतिहास इसके खिलाफ

अभी तक जितने भी सर्वे आ रहे हैं बता रहे हैं कि राजस्थान के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 20 और कांग्रेस को पांच सीटें मिल सकती हैं। पता नहीं सर्वे किस आधार पर हो रहा है और कैसे ऐसे नतीजे सामने आने की बात कही जा रही है, क्योंकि इतिहास इसके उलट है। अभी तक राजस्थान में जब भी चुनाव हुए हैं, सत्ताधारी पार्टी को हमेशा बढ़त मिली है। फिर यह बात समझ में नहीं आ रही कि इस बार ये उल्टे परिणाम कैसे दिखा रहे हैं।

राजस्थान में मुकाबला मुख्यतया दो पार्टियों कांग्रेस और भाजपा के बीच ही होता है। एक बार बीजेपी राज्य में सभी सीटें जीत चुकी है तो एक बार कांग्रेस भी। 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने राज्य की सभी 25 सीटें जीत ली थीं। इसी तरह 1984 के चुनावों में कांग्रेस ने सभी सीटें जीत ली थीं। प्रदेश में सत्ता भी एक बार कांग्रेस तो एक बार भाजपा के खाते में जाने की परंपरा बनी हुई है। प्रदेश में विधान सभा चुनाव के छह महीने बाद ही लोक सभा के चुनाव होते हैं। 2003 के विधान सभा चुनाव में भाजपा को 200 में से 120 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को 58 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। इसके बाद 2004 में लोक सभा के चुनाव हुए। उस चुनाव में भाजपा को 21 और कांग्रेस को महज चार सीटें मिलीं। 2008 के विधान सभा चुनाव में सत्ता बदल गई। वहां कांग्रेस की सरकार बनी। विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को 96 और भाजपा को 76 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने बसपा के छह विधायकों को अपने साथ कर सरकार बनाई। इसके ठीक छह महीने बाद हुए लोक सभा चुनाव में कांग्रेस को 20 और बीजेपी को चार सीटें मिलीं। एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। 2013 के विधान सभा चुनावों में भाजपा को 163 सीटें मिलीं। कांग्रेस 21 सीटों पर सिमट गई। इसके बाद हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा ने सभी 25 सीटें जीत लीं। पिछले साल दिसंबर में हुए विधान सभा चुनावों में कांग्रेस ने एक बार फिर बाजी पलट दी और उसने राज्य की कुल 200 सीटों में से 100 सीटों पर जीत हासिल की है। भाजपा को 73 सीटें मिली हैं। हालांकि दोनों पार्टियों में वोटों का अंतर सिर्फ आधा फीसदी का है। इसीलिए कहा जा रहा है कि मोदी के व्यक्तित्व को देखते हुए इस बार भाजपा ही ज्यादा सीटें जीतेगी। इतिहास नहीं दोहराया जाएगा। पर अगर दोहराया गया तो बहुत संभव है कांग्रेस 20 से ज्यादा सीटें जीत जाए। तब सारे सर्वे धरे के धरे रह जाएंगे।