राहुल गांधी के नारे से खफा मुंबई के चौकीदार

राहुल गांधी के नारे से खफा मुंबई के चौकीदार

बहुचर्चित राफेल डील को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बार-बार चौकीदार चोर हैकहकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव-2019 को लेकर जो सियासी हवा बना रहे हैं, उससे मोदी और भाजपा को कितना नुकसान पहुंचा, ये तो पता नहीं, पर कम से कम महाराष्ट्र के चौकीदारों का सब्र जरूर जवाब दे गया है। इनका खफा होना भी जायज है। जब देश में हर जगह भ्रष्टाचार है, तो सिर्फ चौकीदार ही चोर क्यों? नारे से गुस्साए मुंबई के चौकीदारों के एक संगठन सिक्युरिटी गार्ड एसोसिएशन ने राहुल के खिलाफ मुंबई थाने में शिकायत दर्ज कराई है। भले ही लोकसभा चुनाव-2019 की चुनावी जंग में इस नारे से राहुल, प्रधानमंत्री मोदी को नुकसान पहुंचाना चाहते थे, पर महाराष्ट्र में राहुल और कांग्रेस का ये दांव उन्हीं पर उल्टा पड़ गया है। राहुल पर ये ठीक उसी पुरानी कहावत की तरह है, जिसमें कहा गया है गए थे हज बख्शवाने, रोजे गले पड़ गए।राहुल चाहते तो थे लोकसभा चुनाव में मोदी को झूठा साबित करना, पर इससे चौकीदार खफा हो गए हैं।

हो सकता है कि चुनावी माहौल को भांपते हुए राहुल कुछ दिनों में ये भी कह दें कि उनका इरादा चौकीदार विशेष का अपमान करना नहीं था, लेकिन इस मुकदमे के बहाने ही सही, उन्होंने भाजपा को कांग्रेस विरोध का एक नया मुद्दा तो दे ही दिया है। अभी एक दिन पहले ही राहुल ने पुलवामा हमले के गुनहगार हाफिज सईद को जीसंबोधन कर मुद्दा दिया था। हालांकि राफेल डील को लेकर काफी समय से चौकीदार चोरहै या फिर प्योरहै, का नारा पूरे देशभर में खूब लगता रहा है। अब जब चुनाव का वक्त है, तो एक-एक वोट काफी अहम है। इस दौर में राहुल की इस गलती का खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है। वैसे भी न तो चौकीदारहोना गुनाह है और न ही गलत। ये पद समाज में सुरक्षा के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है। गांव-देहातों में तो आज भी चौकीदारहैं और लोग उससे काफी अच्छे और सम्मान भाव से पेश आते हैं। कई बार सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हुए ये अपनी जान तक जोखिम में डाल देते हैं। मोदी का खुद को चौकीदार कहने के पीछे भी यही मकसद है कि वे समाज के इस विशेष वर्ग से जुड़ाव रखना चाहते हैं। उन्हें सम्मान देते हैं।

राहुल ने भी ये चौकीदार शब्द प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों से ही लिया है। इसमें मोदी ने पिछले लोकसभा चुनाव में कहा था कि आप भाजपा को जिताइए और मुझे प्रधानमंत्री नहीं, अपना चौकीदार बनाइए। कालाधन को देश से मिटाने के लिए प्रधानमंत्री ने जनता से ये आह्वान किया था। जनता को भी प्रधानमंत्री मोदी का ये बयान खूब भाया था। नतीजा साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जमकर जनता ने भाजपा को समर्थन दिया। केंद्र में पूर्ण बहुमत की प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में सरकार भी बनी। इसके बाद भी अक्सर प्रधानमंत्री अपने भाषणों में खुद को चौकीदार बताते हैं। आज भी जब प्रधानमंत्री मंच पर कालेधन की बात करते हैं, तो चौकीदार कहना नहीं भूलते। जब पुलवामा हमले के बाद एयरफोर्स ने एयर स्ट्राइक किया, तब भी प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को चौकीदार बताते हुए देश की जनता को भरोसा दिलाया था कि वे एक चौकीदार की तरह देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में योगदान दे रहे हैं। बार-बार किसी को अपमानित करने के लिए पूरे चौकीदार समुदाय को आधार नहीं बनाया जा सकता। इस पर राहुल के खिलाफ चौकीदारों की नाराजगी गैरवाजिब नहीं है।