नरेंद्र मोदी की इच्छाशक्ति और सेना के साहस का कमाल, 14 कुख्यात आतंकवादी मार गिराए इस साल

नरेंद्र मोदी की इच्छाशक्ति और सेना के साहस का कमाल, 14 कुख्यात आतंकवादी मार गिराए इस साल

खुफिया विभाग की ओर से जो आंकड़ा साझा किया गया है उसके अनुसार इस साल 14 बड़े आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। जिसमें से एक मोस्ट वांटेड एल बदर का लीडर भी था, वह सोपोर में अपनी गतिविधियों को अंजाम देता था और उसे सीमापार से मदद मिलती थी इसके अलावा लश्कर के पांच शीर्ष लीडर भी शामिल हैं जिन्हें सेना ने मौत के घाट उतार दिया है, जिनमे मुदस्सिर अहमद, मोहम्मद शाफी शेरगुरजी, जुनैद अहमद भी शामिल हैं जिन्होंने मालपुर, काजीगंद में 6 मई 2017 को पुलिस पर हमला कर दिया था। इसके अलावा हिजबुल के शीर्ष कमांडर मोहम्मद इशाक भट को भी सेना ने मार गिराया जोकि बुरहान वानी, आबिद हुसैन का सहयोगी था। 

हालांकि पाक अधिकृत कश्मीर की तरफ से घुसपैठक की संख्या थोड़ी बढ़ी है और यह बढ़कर इस वर्ष 78 पहुंच गई है। अब तक के आंकड़े पर नजर डालें तो 2016 से सितंबर तक कुल 123 घुसपैठ की कोशिशें हुईं, लेकिन खुफिया एजेंसी के बेहतरीन इनपुट की मदद से इन घटनाओं को रोकने में सेना को मदद मिली है। ऐसे में समय के साथ घाटी में आतंकियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई काफी बढ़ी है और आतंकियों की संख्या में काफी कमी भी आई है।

घाटी में लंबे समय से लगातार आतंकियों की सेना से मुठभेड़ चल रही है, तकरीबन हर रोज किसी ना किसी आतंकी के मारे जाने की खबर आती है। जिस तरह से खुफिया एजेंसियां बेहतर इनपुट के जरिए सेना को जानकारी मुहैया कराती हैं उसकी मदद से सेना इन आतंकी संगठनों को लगातार निशाना बना रही है, सेना की इन आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष जितने नए आतंकियों की भर्ती की गई है उससे कहीं ज्यादा आतंकियों को सेना ने मौत के घाट उतार दिया है। जिसमें कई कमांडर और बड़े दर्जे के आतंकी लीडर भी शामिल हैं। निश्चित रूप से सेना द्वारा अभूतपूर्व साहस एवं कामयाबी का श्रेय केंद्र सरकार को जाता है क्योंकि केंद्र सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ निश्चय वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आतंकवाद के खात्मे को लेकर दृष्टिकोण बेहद साफ है। जहां आतंकियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है।