चुनाव से पहले टूट सकती है कांग्रेस

चुनाव से पहले टूट सकती है कांग्रेस

आज कांग्रेस बुरे दौर से गुजर रही है। पार्टी के दो बड़े नेताओं के बयान के बाद कांग्रेस में दो फाड़ होने के संकेत मिलने लगे हैं। कभी पार्टी में विशेष रुतबा रखने वाले नेता आज अपने आप को उपेक्षित महशूस कर रहें हैं। कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अपने बयानों के जरिए ये बता दिया है कि उन्हें राहुल गाँधी के नेत्रित्व पर भरोसा नहीं है।

राजनैतिक गलियारों में अक्सर यह चर्चा होती है कि कांग्रेस में गाँधी परिवार के अलावा किसी की नहीं चलती है। कुछ भी हो जाये प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी में गाँधी परिवार का ही सिक्का चलता है। पूरे देश ने देखा कि जब मनमोहन सिंह दो दफे प्रधानमंत्री रहे तो किस तरह सारे फैसले सोनिया गाँधी लिया करती थीं। इंदिरा गाँधी के समय जिस भी नेता ने बागी बनने की कोशिश की उसका क्या हश्र हुआ करता था।

समय के साथ कांग्रेस में भी बदलाव आया। आज राहुल गाँधी के हाथ में पार्टी की कमान भले हो पर उनका व्यक्तित्व गाँधी परिवार के अन्य नेताओं के व्यक्तित्व से जरा भी मेल नहीं खाता। कांग्रेस के पुराने नेता इस बात को भली भांति समझ रहें हैं। नेताओं के मन में बहुत पहले से  कुलबुलाहट थी लेकिन बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे इसे लेकर सब संशय में थे। आखिकार पी चिदंबरम ओर सलमान खुर्शीद जैसे नेताओं ने उस तिलिस्म को तोड़ ही दिया।बल्कि यूँ कहिये कि सीधे सीधे राहुल गाँधी की क्षमता पर ही सवाल उठा दिया।

चिदंबरम ने जहाँ ये कह कर कि राहुल प्रधानमंत्री के उम्मेदवार नहीं होंगें वही सलमान खुर्शीद ने बलिदान देने की बात कर दी। सलमान के बयान ये बताने के लिए काफी है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता क्या चाह रहें हैं। उधर राहुल गाँधी को भी अच्छी तरह पता है कि अगर अध्यक्ष पद को दाँव लगाया तो उनका अस्तित्व हमेशा के लिए ख़तम हो जायेगा। कांग्रेस के लगभग सभी नेता इस हकीकत को जानते हैं साथ ही साथ यह भी जानते हैं की पार्टी में ऐसा कोई कद्दावर नेता नहीं है जिसके नेत्रित्व में पूरी पार्टी एकजूट हो सके।

इन दोनों नेताओं के बयान नाहक नहीं हैं। इन बयानों के कई मायने निकाले  जायेंगें। अब तय है कि कांग्रेस में दो खेमे बनेगें। एक युवा ओर एक वरिष्ठ नेताओं की या फिर पार्टी में ऐसे ही उहापोह की स्थिति बनी रहेगी। यानि लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी को अच्छी खबर मिल सकती है। अगर २०१९ लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में तोड़फोड़ हो गई या कुछ नेताओं ने पार्टी से किनारा कर लिया तो देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी चुनाव लड़ने से पहले ही हार जाएगी और अगर ऐसा हो गया तो निश्चित तौर पर बीजेपी एक बार फिर बड़ी आसानी से सत्ता पर काबिज हो जाएगी।