प्रयाग राज से 500 शटल बसें एक साथ एक ही रूट पर निकलीं

प्रयाग राज से 500 शटल बसें एक साथ एक ही रूट पर निकलीं

अगर आज ये कोई पूछे कि प्रयागराज कुंभ में अबकी क्या खास है, तो आप कई चीजें गिना देंगे, जो पहली बार हुई हैं। इनमें से कई ने तो विश्व रिकॉर्ड तक तोड़ा है। आस्था के इस वैश्विक महासंगम के बीच गुरुवार को जब उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने यूपी रोडवेज की 500 शटल बसों को एक साथ, एक कतार में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, तो ये भी एक रिकॉर्ड बन गया। विश्व में यह पहली बार था, जब 500 बसें एक साथ एक ही रूट पर निकलीं। बसों की कतार नौ किमी लंबी थी, जिन्होंने साथ-साथ 12 किमी की दूरी तय कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। विश्व की सबसे बड़ी बस श्रृंखला के पीछे सरकार का मकसद भी विश्व रिकॉर्डबनाना भर ही था। वैसे भी जब कुंभ की तैयारी की बात आई थी, तभी ये जताया जा रहा था कि अबकी एक योगी प्रदेश की सत्ता पर है, तो आस्था के इस कुंभ की तैयारी भी खास ही होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे साकार भी किया। अबकी कई ऐसी लाजवाब व्यवस्थाएं दीं, जो पहले कभी यहां नहीं देखी गई थी। ये योगी सरकार का प्रयास ही था कि इस आयोजन के आस्था, विश्वास और विश्व भर में फैली इसकी लोकप्रियता को देखते हुए वैश्विक संगठन यूनेस्को ने इसे विश्व की सांस्कृतिक धरोहरों में शामिल कर लिया। वहीं अबकी विश्व को सबसे बड़ा पार्किंग स्थल बनाया गया है, जहां करीब छह लाख वाहनों की पार्किंग हो सकती है। ये विश्व रिकॉर्ड है। करीब 1193 हेक्टेयर जमीन पर 120 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। प्रयागराज देश के 14 शहरों से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ा। कुंभ मेले में मार्गों पर महापुरुषों के नाम पर गेट पहली बार बने। करीब 5000 अस्थायी शौचालय भी पहली बार बनाए गए।

पहली बार देश के लगभग हर गांव को कुंभ आने का न्योता भेजा गया। सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को खासतौर पर व्यक्तिगत न्योता भी पहली बार ही भेजा गया। यहां जुटे साधु-संतों ने देहदान की घोषणा कर पहली बार इस नई परंपरा की शुरुआत की। पहली बार किन्नर अखाड़ों की भी पेशवाई निकली। कुंभ गान या अत्याधुनिक कुंभ संग्रहालय भी पहली बार बने। अभी ये कुंभ का आयोजन महाशिवरात्रि पर्व यानी चार मार्च तक चलना है, तो हो सकता है कि इस बीच कई और रिकॉर्ड बने। हालांकि ये प्रदेश सरकार की कोशिशों का ही नतीजा है कि आज बहुत ही आसानी से यहां लोग आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। सरकार देश-विदेश से आए अतिथियों को सुख-सुविधा के लिए हरसंभव प्रयास भी कर रही है। अब कई विश्व रिकॉर्ड बनाकर सरकार इस कुंभ को हमेशा के लिए यादगार बनाना चाहती है।