घुटनों पर पाकिस्तान

घुटनों पर पाकिस्तान

पकिस्तान के वजीरे आजम इमरान खान की तरह वहां के विदेश मंत्री भी ब्यान बदलने में माहिर हैं। कुछ दिन पहले तक भारत से सशर्त द्विपक्षीय वार्ता करने का रट लगाने वाले पकिस्तान के विदेश मन्त्री शाह महमूद कुरैशी का एक पलटू ब्यान आया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि उनका देश भारत के साथ बातचीत के जरिये कश्मीर मुद्दे का शांति पूर्वक समाधान चाहता है। जबसे जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 की विदाई हुई है तभी से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। उसने शुरू-शुरू में इस मुद्दे को खूब हवा देने की कोशिश की थी। यहाँ तक उसने कश्मीर मामले को अंतर्राष्टीय स्तर पर ले जाने की बात की। उसने अमेरिका से सिफारिस लगवाई। लेकिन हर तरफ से उसे एक ही जवाब मिला की कश्मीर मसला भारत का अंदरूनी मामला है लिहाजा दुनिया का कोई भी दूसरा देश में इसमें हसक्षेप नहीं करेगा। थक-हारकर पाकिस्तान के हुक्मरानों ने मुस्लिम देशों से मदद मांगी लेकिन उसे वहां से भी उसे मुंह की खानी पड़ी। ऐसे में पाकिस्तान का अचानक यह कहना कि वह शांति पूर्वक बात करना चाहता है, समझ से परे है।

भारत सरकार के रक्षामंत्री राजनाथ  सिंह ने स्पष्ट तौर से कह दिया है कि पाकिस्तान से अगर किसी मसले पर बात होगी तो वो सिर्फ और सिर्फ पाक अधिकृत कश्मीर पर होगी। जब देश के रक्षमंत्री ने पीओके पर बात करने की आवाज उठाई थी तब शायद पाकिस्तान को अंदाजा भी नहीं होगा कि वह बात इतनी गंभीर होगी। आज भी हमारे देश की सरकार और देश के रक्षामंत्री अपनी उस बात पर कायम हैं। यानी पाकिस्तान को अगर बात करनी भी है तो सिर्फ एक ही रास्ता है कि वो प्यार से भारत से अनुरोध करे कि वो पाक अधिकृत कश्मीर पर बात करने की इच्छा रखता है। संभवतः तब भारत की सरकार शायद पाकिस्तान से बात करने को तैयार हो जाए।

पाकिस्तान को शुरू-शुरू में लगा था कि जम्मू कश्मीर पर भारत के फैसले से वहां के लोग उसके साथ खड़े होंगे। वहां कुछ ऐसा होगा जिसकी वजह से भारत सरकार की विश्व पटल पर किरकिरी होगी, लेकिन हुआ उसका ठीक उल्टा। अभी पिछले शनिवार को 575 युवा अपनी ट्रेनिंग लेकर भारतीय सेना में शामिल हुए। बाना सिंह परेड ग्राउंड पर आयोजित जम्मू कश्मीर लाईट इन्फैंट्री में आयोजित पासिंग आउट परेड में उन युवाओं ने वतन पर मर मिटने की कसमे खाईं। ये युवा कसमें खा रहे थे जबकि उधर पाकिस्तान जल भून रहा था। दूसरी तरफ इमरान खान की फजीहत अब उनके देश में ही होने लगी है। वहां के लोग कहने लगे हैं कि इमरान से बढ़िया तो लूट मार करने वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग की ही सरकार अच्छी थी। पकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता अहसन इकबाल ने यहाँ तक दिया है कि इमरान सरकार ने पाकिस्तान को कंगाली के समन्दर में डुबो दिया है। चारों तरफ से घिरे पाकिस्तान के विदेश मंत्री को शायद एक बात समझ में आ गई है कि भारत सरकार अब किसी भी बात को न तो हलके में लेने वाली है और न ही पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के अलावा किसी अन्य बात पर पाकिस्तान से बात करने वाली है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री के इस ब्यान को अभी समझने की कोशिश की जा रही है। क्योंकि पाकिस्तान का रवैया अब तक यही रहा है कि वह कब अपनी किसी बात से पलट जाय कहा नहीं जा सकता। लेकिन एक बात तो तय है कि अब पाकिस्तान के पास कोई रास्ता बचा नहीं है। इधर भारत सरकार अपने रुख पर कायम है ऐसे में अब पाकिस्तान के पास ज्यादा विकल्प बची नहीं हैं। लिहाजा यह मान लेना चाहिए कि बहूत जल्द ही पाकिस्तान भारत के उस शर्त को भी मानने को मजबूर होते हुए दिख ही जायेगा जिसमे पी ओ के पर बात करने की पेशकस की गई है।