फ़्रांस से दोस्ती का नया अध्याय

फ़्रांस से दोस्ती का नया अध्याय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस समय फ़्रांस में हैं। दुनिया के नक़्शे पर विकसित देश के रूप में शामिल फ़्रांस भारत का बहूत अच्छा मित्र है। मोदी की फ़्रांस यात्रा पर दुनिया भर के देशों की निगाह टिकी हुई है। फ़्रांस के राष्ट्रपति ने मोदी का गर्मजोशी के साथ स्वागत कर यह बता दिया है कि भारत उसके लिए क्या मायने रखता है। आज से लगभग 70 और 53 साल पहले हुए एयर इण्डिया विमान हादसे की याद में एक स्मारक बनाकर पूरी दुनिया को यह सन्देश दिया गया कि फ़्रांस उन विमान हादसों में मारे गए लोगों के प्रति न सिर्फ अब भी चिंतित है बल्कि उन्हें अब भी याद करता है।

देश में कुछ माह पहले हुए लोकसभा चुनाव के दौरान फ़्रांस बहूत चर्चाओं में रहा। कारण था, फ़्रांस से रक्षा सौदा डील के तहत लड़ाकू विमान राफेल का सौदा। राफेल वह लड़ाकू विमान है, जिसके एयर फ़ोर्स में शामिल हो जाने के बाद निश्चित तौर पर भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ जाएगी। कांग्रेस उस विमान सौदे में घोटाले का आरोप लगाती रही। यहाँ तक कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने राफेल को लेकर भाजपा खासकर मोदी पर एक तरफ़ा आरोप लगाये थे। चुनाव ख़तम हुआ, और देश की जनता ने राफेल विवाद को किनारे कर मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी और उसकी सहयोगी दलों को भारी बहुमत से जीत दिलाई। आज मोदी फ़्रांस में हैं। रक्षा सौदा डील के तहत राफेल लड़ाकू विमान की पहली खेप सितम्बर माह में भारत आ जाएगी। फ़्रांस ने एयर हादसे में मारे गए भारतीयों की याद में एक स्मारक बनाकर मोदी को एक ऐसा भावनात्मक उपहार दिया है जिसे शायद ही कभी भुलाया जा सकता है।

यहाँ बता दें कि 3 नवम्बर  1950 में एयर इण्डिया की फ्लाईट संख्या एआई 245 ‘मालाबार प्रिंसेज’ ने मुंबई जाने के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन वह विमान मोंट ब्लांक पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उसमे सवार सभी 40 यात्री और 8 चालक दल के लोगों की मौत हो गई थी। दूसरा एयर हादसा 1966 में हुआ था। यानी मालाबार प्रिसेज हादसे के लगभग 16 साल के बाद 24 जनवरी 1966 को एयर इण्डिया का बोईंग 707 विमान ‘कंचनजंगा’ भी मोंट ब्लांक पर ही दुर्घटना का शिकार हो गया था। एआई-101 कंचनजंगा ने भी मुंबई से ही उड़ान भरी थी, जिसे लंदन जाना था। विमान में सवार सभी 117 लोगों की मौत हो गई थी। वह विमान हादसा इसलिए भी जयादा दुखदाई था, क्योंकि उस हादसे में भारत के मशहूर वैज्ञानिक होमी जहाँगीर भाभा भी शामिल थे। आज फ़्रांस ने उन्ही दुर्गम पहाड़ियों में स्मारक बनाकर भारतीयों को एक तरह से श्रद्धांजलि दी है। अच्छी बात यह रही कि इस स्मारक स्थल का उदघाटन प्रधानमंत्री मोदी ने खुद किया। FATF यानी फाइनेंसियल एक्सन टास्क फ़ोर्स द्वारा पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करना एक बहूत बड़ी उपलब्धि है। यहाँ बता दें की FATF विकसित और अग्रणी देशों की एक ऐसी संस्था है, जो मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग पर निगाह रखती है। इसका संस्था का मुख्यालय भी फ़्रांस के पेरिस में ही है। अगर इस संस्था ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट किया है तो कहीं न कहीं यह भी मोदी की एक बहूत बड़ी उपलब्धि है। फ़्रांस ने दुनिया को दिखाया है की वो किसी भी सूरत में ऐसे देशों का समर्थन नहीं कर सकते जो मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग में शामिल हैं। आज दुनिया के विकसित देश रूस, जर्मनी, जापान, फ़्रांस और इजरायल ने भारत को समर्थन देकर यह साबित कर दिया है कि आब अमेरिका भी भारत का विरोध करने के पहले सौ बार सोचेगा।