पाकिस्तान को मौका न दें भारत के नेता

पाकिस्तान को मौका न दें भारत के नेता

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान परेशान है। वह नित नए – नए हथकंडे अपना रहा है। देश के तमाम मुस्लिम देशों से मदद मांग रहा है। अब उसने एक बार फिर यू एन को चिट्ठी लिखी है। यह जानते हुए कि जम्मू कश्मीर का मामला कितना संवेदनशील है, बावजूद इसके देश की विपक्षी पार्टियाँ अपनी हरकतों से पाकिस्तान को बोलने का मौक़ा दे रही हैं। कुछ भाजपा नेताओं के बिगड़े बोल भी मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
पिछले 5 अगस्त को जब जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की घोषणा की गई तो पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। सरकार के इस कदम का पूरे देश ने स्वागत किया । हालांकि यह मामला इतना आसान नहीं था, लेकिन सरकार ने पूरी तैयारी करने के बाद ही इस दिशा में पहल की थी। 370 हटने के बाद पाकिस्तान तो परेशान हुआ ही भारत की ही कुछ राजनैतिक पार्टियाँ सरकार के इस फैसले के विरोध में खड़ी हो गईं। कांग्रेस के नेता गुलाब नवी आजाद ने कुछ ऐसा ब्यान दिया कि जैसे उनका कोई बहूत बड़ा नुक्सान हो गया हो। बाद में कांग्रेस के ही कुछ और नेता सरकार के इस फैसले की खिलाफत करते नजर आये। हालांकि अति उत्साह में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी कुछ ज्यादा ही बोल गए। मनोहर लाल खट्टर ने पिछले 10 अगस्त को कहा था कि पहले बिहार से बहू लायी जाती थी, लेकिन अब जम्मू कश्मीर से बहू लाई जाएगी। मुख्यमंत्री के सूर में सूर मिलाते हुए हरियाणा के एक और भाजपा विधायक विक्रम सैनी ने कहा था कि उनकी पार्टी के मुस्लिम युवक अब कश्मीर की गोरी लड़कियों से शादी कर सकते हैं। विपक्षी नेताओं के साथ- साथ भाजपा नेताओं द्वारा बोले गए सभी बातों का जिक्र पाकिस्तान ने उस चिट्ठी में की है, जो उसने यू एन को लिखा है। इस चिट्ठी में पाकिस्तान ने महबूबा मुफ़्ती के उस ट्वीट का भी जिक्र किया है, जिसमे महबूबा ने उस दिन को लोकतंत्र का काला दिन बता दिया था, जिस दिन जम्मू कश्मीर से 370 हटाई गई थी। पाकिस्तान ने अपनी चिट्ठी में हर उस बात का जिक्र किया है जो जम्मू कश्मीर को लेकर कही गई है। उसका दावा है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद गूगल पर एक सर्च बहू बढ़ गया है। उसका दावा है कि how to marry kashmiri women  जैसा सर्च भारत के लोग कुछ ज्यादा ही कर रहे हैं। पाकिस्तान ने यू एन की चिट्ठी में इस सर्च का भी जिक्र किया है। लेकिन पाकिस्तान ने अपनी चिट्ठी में सबसे ज्यादा जिक्र राहुल गाँधी के ब्यान का किया है। उसने कहा है कि राहुल गांधी ने एक ब्यान में कहा था 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर से हिंसा की ख़बरें आ रहीं हैं। राहुल गांधी ने हालांकि एकाद दिन पहले अपने पुराने ब्यान के काट में राहुल गाँधी ने यह कहकर डैमेज कंट्रोल करने के कोशिश की कि जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा है। लेकिन उनके पहले के ब्यान को पाकिस्तान लपक चूका था। उनके पहले ब्यान का हवाला देते हुए यू एन की चिट्ठी में उसका जिक्र किया है। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद सरकार कोशिश कर रही है कि वहां की स्तिथि में जल्दी से जल्दी सुधार हो । वहां के लोग सामान्य रूप से रहने लगें। एहतियातन कुछ वहां सख्ती की गई है। क्योंकि कुछ खुराफाती तत्व जिनकी दुकाने अब बंद हो गई है, वो लोगों को भड़काने और बरगलाने की कोशिश जरुर करेंगे। ऐसे में अब देश के अन्य नेताओं को भी सरकार के साथ कम से कम इस मुद्दे पर एक साथ खड़ा हो जाना चाहिए।